त्योहारी सीजन आते ही फूड लवर्स के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। जी हाँ, अब आपके पसंदीदा बिरयानी या पिज़्ज़ा की कीमत सिर्फ उसकी असल कीमत नहीं रह गई है। Swiggy के बाद अब Zomato (Zomato platform fee hike) ने भी अपनी ‘प्लेटफॉर्म फीस’ बढ़ाकर उसे ₹10 से ₹12 कर दिया है। मतलब, अब हर ऑर्डर पर आपको एक और ‘छुपा हुआ चार्ज’ चुकाना होगा।
नई दिल्ली। त्योहारों का मौसम आ रहा है और हमारी जेब पर डाका डालने की तैयारी भी! अगर आपको लगता था कि महंगाई सिर्फ बाजार में है, तो जरा अपने फोन में Zomato और Swiggy के ऐप्स खोलकर देखिए। फूड डिलीवरी प्लेटफ़ॉर्म्स ने त्योहारी सीजन को अपने ‘प्रॉफिट सीजन’ में बदलने का फैसला कर लिया है। Swiggy के बाद अब Zomato (Zomato platform fee hike) ने भी अपनी प्लेटफॉर्म फीस में 20% की बढ़ोतरी कर दी है। अब हर ऑर्डर पर आपको ₹2 का एक्स्ट्रा शुल्क चुकाना होगा, जिससे यह फीस ₹10 से बढ़कर ₹12 प्रति ऑर्डर हो गई है।
यह बढ़ोतरी उन सभी शहरों में लागू है जहाँ Zomato अपनी सेवाएं देता है। ऐसा लगता है कंपनी त्योहारों पर होने वाली ऑर्डरिंग की बाढ़ से पहले ही अपने ‘कश्ती’ (प्रॉफिट) को तैयार कर रही है। इससे पहले, प्रतिद्वंद्वी Swiggy ने भी चुनिंदा शहरों में अपनी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाकर ₹14 कर दी थी। मतलब, अब खाना ऑर्डर करना पहले से भी ज्यादा ‘महंगा शौक’ बनता जा रहा है!
पिछले साल भी हुआ था ऐसा ही हाल
Zomato का प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाने का यह कोई नया ट्रेंड नहीं है। पिछले साल भी त्योहारी सीजन से ठीक पहले, कंपनी ने इस फीस को ₹6 से बढ़ाकर ₹10 प्रति ऑर्डर कर दिया था। और हैरानी की बात यह है कि उससे महज तीन महीने पहले ही उन्होंने इसी फीस को ₹5 से बढ़ाकर ₹6 किया था! लगता है त्योहारों का मतलब कंपनियों के लिए ‘गिफ्ट’ लेना है, देना नहीं।
2023 में कितना था चार्ज? जानकर रह जाएंगे हैरान!
क्या आपको याद है जब Zomato पर प्लेटफॉर्म फीस जैसा कोई चार्ज होता ही नहीं था? वक्त बदल गया है। CEO दीपिंदर गोयल की अगुवाई वाली कंपनी ने अपने मुनाफे (प्रॉफिटेबिलिटी) को बढ़ाने की रणनीति के तहत सबसे पहले अगस्त 2023 में मामूली ₹2 का प्लेटफॉर्म फीस शुरू किया था।
उसके बाद से यह सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा:
- पहले इसे बढ़ाकर ₹3 किया गया।
- फिर 1 जनवरी, 2024 को इसे ₹4 कर दिया गया।
- त्योहारों के दौरान तो इसे ₹9 तक पहुंचा दिया गया, जिसे बाद में घटाकर ₹7 कर दिया गया।
- और अब एक बार फिर से त्योहारी सीजन आते ही इसे ₹12 तक पहुंचा दिया गया है।
यह देखकर लगता है कि Zomato का प्लेटफॉर्म फीस भी पेट्रोल-डीजल की तरह बढ़ता ही जा रहा है!

जानिए कैसा रहा शेयर बाजार में हाल?
इन सब के बीच शुक्रवार को NSE पर Zomato की पैरेंट कंपनी इटर्नल (Eternal) का शेयर प्राइस ₹322.85 प्रति शेयर पर बंद हुआ। जबकि इस दौरान बेंचमार्क निफ्टी 50 में 0.18% की गिरावट दर्ज की गई। शायद निवेशकों को पता चल गया है कि अगली बार उन्हें अपना खाना ऑर्डर करने के लिए भी ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे!
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या Zomato की यह बढ़ी हुई फीस हमेशा के लिए है?
ऐसा जरूरी नहीं है। Zomato पहले भी त्योहारी सीजन के दौरान प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाता रहा है और बाद में इसे कम कर देता है। हालाँकि, फीस में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए, इसे स्थायी रूप से बने रहने की भी पूरी संभावना है।
2. क्या Swiggy ने भी अपनी फीस बढ़ाई है?
जी हाँ, Swiggy ने भी Zomato के कदमों का अनुसरण किया है और चुनिंदा शहरों में अपनी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाकर ₹14 प्रति ऑर्डर कर दी है। मतलब, अब दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर ऑर्डर करना पहले से ज्यादा महंगा हो गया है।
3. क्या इस प्लेटफॉर्म फीस से बचने का कोई तरीका है?
सीधे तौर पर तो नहीं, क्योंकि यह फीस हर ऑर्डर पर लागू होती है। हालाँकि, आप Zomato Pro或Swiggy One जैसी सदस्यता लेकर डिलीवरी चार्ज से तो बच सकते हैं, लेकिन प्लेटफॉर्म फीस फिर भी लागू रहेगी। सबसे अच्छा तरीका है कि आप सीधे रेस्तरां को कॉल करके ऑर्डर दें और इस फीस से बचें!










