भारतीय थाली का असली रॉकस्टार कौन है? जी हाँ, वही जिसके बिना शादी-ब्याह का थाल अधूरा लगता है और रोज़ के खाने में दाल को भी साथी चाहिए होता है – आलू जीरा! यह डिश ऐसी है जैसे आपकी रसोई का सबसे विश्वसनीय दोस्त – हमेशा मदद को तैयार, झटपट तैयार और हर मूड के अनुकूल। चाहे रोटी हो, पराठा हो, पूरी का जलसा हो या दाल-चावल का साधारण दिन, आलू जीरा हर जगह फ़िट हो जाता है।
सबसे पहले आलू जीरा बनाने के लिए जो सामग्री चाहिए, वो आपकी रसोई में 99% मौजूद होती है। इसमें उबले हुए आलू (बस ये ध्यान रहे, आलू ऐसे उबले हों जिन्हें देखकर आलू भी खुश हो जाएँ), जीरा, हरी मिर्च, अदरक, हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और ताज़ा हरा धनिया चाहिए। इसके अलावा स्वादानुसार नमक और तेल…बस इतना ही! यह रेसिपी साबित करती है कि ज़िंदगी के सबसे बढ़िया स्वाद अक्सर सबसे साधारण चीज़ों से आते हैं।
आलू जीरा बनाने की विधि इतनी आसान है कि आपका छोटा भाई भी इसे बना दे, बस थोड़ा सा ध्यान देने की ज़रूरत है। सबसे पहले एक कड़ाही में तेल गर्म करें। जब तेल गरम हो जाए (एक तपिश महसूस होने लगे), तो उसमें जीरा डालें और उसके चटकने का इंतज़ार करें। यह आवाज़ संगीत से कम नहीं लगती! अब इसमें बारीक कटी हरी मिर्च और अदरक डालकर हल्का भून लें। इसी कदम से पूरी रेसिपी में जान आ जाती है।
अब बारी है मसालों की। इसमें हल्दी, धनिया पाउडर और लाल मिर्च पाउडर डालकर सिर्फ़ 20-30 सेकंड के लिए चलाएं। यहाँ ज़रा सी भी लापरवाही हो गई तो मसाला जल सकता है, इसलिए आंच को मध्यम ही रखें, जैसे आप किसी की तारीफ़ कर रहे हों – ज़्यादा तेज़ नहीं! अब हीरो यानी उबले और कटे हुए आलू इसमें डाल दें और अच्छे से मिलाएं ताकि हर आलू का टुकड़ा मसालों की कोट पहन ले।

अब आलू को धीमी आंच पर 4-5 मिनट के लिए ढककर पकने दें। इससे आलू और मसालों की दोस्ती और भी गहरी हो जाएगी। जब आलू हल्के से सुनहरे और किनारों पर कुरकुरे हो जाएँ, तो गैस बंद कर दें। ऊपर से ताज़े हरे धनिया की बारिश करके इसे परोसने के लिए तैयार कर लें।
आलू जीरा की सबसे बड़ी खासियत है इसकी फ़्लेक्सिबिलिटी। यह रोटी, पराठा, पूरी या दाल-चावल, किसी के भी साथ परफेक्ट लगता है। यह हल्की-फुल्की और हज़म करने में आसान डिश है, इसलिए इसे टिफिन बॉक्स में पैक करना भी एक बेहतरीन आइडिया है।
सच कहें तो आलू जीरा एक ऐसी जादुई रेसिपी है जो आपको कम समय और मेहनत में हीरो बना देती है। यह साधारण सी दिखने वाली डिश आपके रोज़ के खाने में एक ख़ास मज़ा भर देती है। तो अगली बार जब भी समय कम हो और स्वाद ज्यादा चाहिए हो, तो यही रेसिपी याद रखना!
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3 FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. क्या आलू जीरा बनाते समय आलू के छिलके उतारने ज़रूरी हैं?
जी नहीं! यह पूरी तरह से आपकी पसंद पर निर्भर करता है। अगर आलू अच्छे से साफ हैं और आपको छिलके के साथ खाना पसंद है, तो आप उन्हें छिलके समेत ही उबाल और इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे पोषण भी बढ़ेगा और स्वाद में एक अलग ही क्रंच आएगा।
2. अगर मेरे पास ताज़ा हरा धनिया नहीं है, तो क्या करूँ?
कोई बात नहीं! आप हरे धनिया की जगह सूखा धनिया पाउडर (करी पत्ता पाउडर नहीं!) थोड़ी मात्रा में इस्तेमाल कर सकते हैं, हालाँकि ताज़े धनिया की ताज़गी का स्वाद थोड़ा कम होगा। या फिर, आप इसे बिना हरे धनिया के भी परोस सकते हैं, फिर भी स्वाद लाजवाब ही रहेगा।
3. क्या आलू जीरा को बनाकर फ़्रिज में स्टोर किया जा सकता है?
हाँ, बिल्कुल! आप आलू जीरा को एक एयरटाइट कंटेनर में भरकर फ़्रिज में 1-2 दिनों के लिए स्टोर कर सकते हैं। बस दोबारा गर्म करते समय थोड़ा सा पानी छिड़क कर हल्की आंच पर गर्म करें ताकि आलू सूखे न लगें।








