चीन के उत्तर-पूर्वी शहर चांगचुन में मंगलवार को एक एयरशो की रिहर्सल के दौरान दो उड़न कारें (Flying Cars) आपस में टकरा गईं। इस घटना में एक पायलट घायल हो गया और एक वाहन जमीन पर गिरकर आग की चपेट में आ गया। यह एयरशो शुक्रवार से शुरू होने वाला पांच दिवसीय कार्यक्रम है, जिसकी तैयारी जोरों-शोरों से चल रही थी।
ऑनलाइन वायरल हो रहे वीडियो और चीनी स्टेट-रन मीडिया में दिख रही तस्वीरों में एक वाहन से धुएं के गुबार उठते देखे जा सकते हैं, साथ ही वहां फायर ट्रक और एंबुलेंस भी तेजी से पहुंची। यह नज़ारा किसी एक्शन मूवी से कम नहीं था!
कंपनी ने बताया कारण: ‘पर्याप्त दूरी नहीं थी’
ये उड़न कारें, जिन्हें तकनीकी भाषा में इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) वाहन कहा जाता है, चीनी इलेक्ट्रिक वाहन दिग्गज Xpeng की सहायक कंपनी Xpeng Aeroht द्वारा विकसित की गई हैं। कंपनी ने सीएनएन को दिए एक बयान में कहा कि टक्कर “अपर्याप्त दूरी” के कारण हुई। उन्होंने बताया कि एक वाहन को “लैंडिंग के दौरान धड़ को नुकसान पहुंचा और आग लग गई।” कंपनी ने यह सुनिश्चित किया कि मौके पर सभी लोग सुरक्षित हैं और स्थानीय अधिकारियों ने व्यवस्थित तरीके से इमरजेंसी कार्रवाई पूरी कर ली है। घटना की जांच अब चल रही है।
हाई-रिस्क स्टंट और नतीजा
कंपनी के एक अनाम कर्मचारी ने बताया कि दोनों वाहन क्लोज फॉर्मेशन में हाई-डिफिकल्टी स्टंट कर रहे थे। ऐसा लगता है कि पायलटों ने ‘फास्ट एंड फ्यूरियस’ का कोई सीन फिल्माने की कोशिश की होगी, लेकिन स्क्रिप्ट में कुछ गड़बड़ हो गई! खैर, इस हादसे में एक पायलट के मामूली चोटें आईं, जो कि राहत की बात है।
चीन की महत्वाकांक्षी योजना: ‘लो-अल्टीट्यूड इकॉनमी’
ये eVTOL वाहन चीन की “लो-अल्टीट्यूड इकॉनमी” यानी कम ऊंचाई वाली अर्थव्यवस्था की योजना का केंद्र बिंदु हैं। इस क्षेत्र में फ्लाइंग टैक्सी, ड्रोन डिलीवरी और 3,000 मीटर से नीचे के एयरस्पेस में अन्य एप्लिकेशन शामिल हैं। पिछले साल, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ने इस “लो-अल्टीट्यूड इकॉनमी” को पहली बार अपनी सालाना सरकारी कार्य रिपोर्ट में जगह दी थी, इसे विकास के एक नए इंजन के रूप में देखा जा रहा है।
स्टेट-रन मीडिया शिन्हुआ के अनुसार, चीन के सिविल एविएशन रेगुलेटर का अनुमान है कि 2025 तक देश की लो-अल्टीट्यूड इकॉनमी का बाजार आकार 206 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है और 2035 तक यह बढ़कर 482 अरब डॉलर हो जाएगा। Xpeng Aeroht जैसे निर्माता पर्यटन, लॉजिस्टिक्स, कृषि और आपदा राहत जैसे विभिन्न उद्योगों में मौजूद संभावनाओं का फायदा उठाने और इस बाजार में अवसरों को भुनाने के लिए दौड़ रहे हैं। Xpeng Aeroht अपने वेबसाइट पर खुद को एशिया की सबसे बड़ी फ्लाइंग कार कंपनी बताती है।
इस बीच, पूरे चीन के शहरों में पार्सल, भोजन और मेडिकल सप्लाईज के लिए अनमैन्ड ड्रोन डिलीवरी का पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है। कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा संचालित मीडिया पीपल्स डेली के अनुसार, 2023 तक चीन में 2,000 से अधिक ड्रोन निर्माता और 20,000 से अधिक कंपनियां अनमैन्ड एरियल व्हीकल्स चला रही थीं।

निष्कर्ष:
तो दोस्तों, यह थी उड़न कारों की हवाई टक्कर की कहानी। यह घटना हमें याद दिलाती है कि भले ही तकनीक कितनी भी एडवांस क्यों न हो जाए, सुरक्षा और सावधानी सबसे जरूरी है। उम्मीद है कि इस घटना से मिले सबक के बाद भविष्य में उड़न कारों का सफर और भी सुरक्षित होगा। अब तो बस इंतज़ार है उस दिन का जब हम ट्रैफिक जाम से बचने के लिए आराम से अपनी कार को हवा में उड़ा सकेंगे… बस तब तक के लिए, जमीन पर सुरक्षित रहें!
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पूछे जाने वाले सामान्य प्रश्न (FAQs)
1. चीन में उड़न कारों की टक्कर का वास्तविक कारण क्या था?
उड़न कारों की टक्कर का मुख्य कारण दोनों वाहनों के बीच ‘पर्याप्त दूरी का न होना’ बताया गया है। घटना एयरशो की रिहर्सल के दौरान हुई, जब वाहन एक दूसरे के बेहद करीब से उच्च-स्तरीय करतब दिखा रहे थे।
2. क्या इस हादसे में किसी की मौत हुई थी?
नहीं, इस हादसे में किसी की मौत नहीं हुई। केवल एक पायलट को मामूली चोटें आईं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि मौके पर सभी लोग सुरक्षित हैं और इमरजेंसी कार्रवाई तेजी से की गई।
3. चीन ‘लो-अल्टीट्यूड इकॉनमी’ को लेकर कितना गंभीर है?
चीन ‘लो-अल्टीट्यूड इकॉनमी’ को भविष्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानता है। सरकार ने इसे अपनी रिपोर्ट में शामिल किया है और 2035 तक इसके 482 अरब डॉलर के बाजार आकार तक पहुंचने का अनुमान है। ड्रोन डिलीवरी और फ्लाइंग टैक्सी जैसे प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है।









