टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा ने अपना शानदार Meta Ray-Ban ग्लासेस और ताकतवर Oakley Meta Vanguard ग्लास लॉन्च किए हैं। लेकिन इन प्रोडक्ट्स के लॉन्च इवेंट के दौरान जब सीईओ मार्क जुकरबर्ग फीचर्स का लाइव डेमो कर रहे थे, तो टेक्नोलॉजी ने उनका साथ छोड़ दिया! फीचर्स ठीक से काम नहीं कर पाए और जुकरबर्ग को स्टेज पर ही शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। हालांकि, बाद में कंपनी ने इसकी वजह कमजोर वाई-फाई सिग्नल को बताया।
मेटा एआई का डेमो हुआ बेकार!
नए Meta Ray-Ban ग्लास के लॉन्च इवेंट के दौरान मार्क जुकरबर्ग फूड क्रिएटर Jack Mancuso से लाइव जुड़े हुए थे। Mancuso ने ग्लास से कोरियन स्टीक सॉस की रेसिपी पूछी, लेकिन एआई ने स्टेप बाय स्टेप इंस्ट्रक्शन देने की बजाय कुछ अलग ही जानकारी देनी शुरू कर दी। Jack Mancuso ने कई बार एआई को सही दिशा में मोड़ने की कोशिश की, लेकिन वह सही जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद मार्क जुकरबर्ग ने वाई-फाई कनेक्शन में दिक्कत बताते हुए स्थिति को संभाला।
इसके बाद एक बार फिर मार्क जुकरबर्ग को न्यूरल रिस्टबैंड के फीचर्स डेमो के दौरान ऐसी ही मुश्किल का सामना करना पड़ा। यह बैंड हैंड जेस्चर के जरिए कई काम करता है, जैसे मैसेज भेजना और मीडिया कंट्रोल करना। लेकिन मंच पर यह फीचर भी ठीक से काम नहीं कर पाया।
Meta Ray-Ban ग्लास के फीचर्स

Meta Ray-Ban Display ग्लास में यूजर्स को 20 डिग्री का व्यूइंग एंगल मिलता है। इस डिस्प्ले का रेजोल्यूशन 600 x 600 पिक्सल है और इसकी ब्राइटनेस 30 से 5,000 निट्स के बीच है। यानी यह आउटडोर कंडीशन में भी यूजर्स को अच्छी विजिबिलिटी ऑफर करता है।
Meta Ray-Ban ग्लास में 12 मेगापिक्सल का एक्सटरनल कैमरा दिया गया है। यह स्मार्ट ग्लास 1080p वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट करता है। इसके साथ ही एक बार चार्ज करने पर यह 6 घंटे तक चलता है। वहीं, एक्सटर्नल केस के साथ बैटरी बैकअप 30 घंटे तक का है।
Meta Neural Band को कंपनी ने तीन साइज में लॉन्च किया है, जो सिंगल चार्ज में 18 घंटे तक का बैकअप ऑफर करता है।
पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या मेटा रे-बैन ग्लास की कीमत इसके फीचर्स के लायक है?
ग्लास में दिए गए फीचर्स जैसे 12MP कैमरा, 1080p वीडियो रिकॉर्डिंग और 6 घंटे की बैटरी लाइफ देखते हुए यह प्रीमियम यूजर्स के लिए एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। हालांकि, लॉन्च इवेंट में हुई दिक्कतों के बाद यह सवाल जरूर उठ रहा है कि क्या इसके एआई फीचर्स रोजमर्रा के इस्तेमाल में भरोसेमंद हैं।
2. क्या लॉन्च इवेंट में हुई दिक्कतों का असल इस्तेमाल पर भी असर पड़ेगा?
कंपनी के मुताबिक, लॉन्च इवेंट के दौरान हुई दिक्कतें सिर्फ वाई-फाई सिग्नल की कमजोरी की वजह से थीं। अगर यूजर्स के पास अच्छा इंटरनेट कनेक्शन है, तो ऐसी दिक्कतें आने की संभावना कम है। हालांकि, यूजर्स को फीचर्स का पूरा फायदा उठाने के लिए मजबूत नेटवर्क की जरूरत होगी।
3. मेटा न्यूरल बैंड कैसे काम करता है और यह किस तरह के जेस्चर सपोर्ट करता है?
मेटा न्यूरल बैंड हैंड जेस्चर के जरिए काम करता है। यह यूजर्स को मैसेज भेजने, मीडिया प्ले या पॉज करने, और अन्य कंट्रोल्स के लिए जेस्चर का इस्तेमाल करने की सुविधा देता है। हालांकि, लॉन्च इवेंट में इसके ठीक से काम न कर पाने के बाद यूजर्स के मन में इसकी विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।










