सांप का नाम सुनते ही क्या आपके भी होश उड़ जाते हैं? अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं! सांपों का जिक्र आते ही सबसे बहादुर इंसान की भी रीढ़ की हड्डी में एक अजीब सी ठंडक दौड़ जाती है, ऐसा लगता है मानो कोई अदृश्य नागिन अपना जादू बोनें वाली हो।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसी जन्नत भी exists है जहां आप बिना किसी डर के घास पर नंगे पैर चल सकते हैं, क्योंकि यहां एक भी सांप नहीं है? जी हां, आपने सही पढ़ा! और तो और, यहां आवारा कुत्तों का भी कोई साम्राज्य नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस खूबसूरत जगह की तारीफ करते हुए देशवासियों से यहां आने की अपील की है।
अब आप सोच रहे होंगे, “भई, ये कैसे possible है? क्या यहां का कोई बाबा सांपों को ही उड़ा ले गया?” ज़रा धैर्य रखिए, सारे राज़ खुलने वाले हैं।
इससे पहले कि आपकी उत्सुकता और बढ़े, हम आपको बता दें कि भारत की यह अनोखी जगह कोई छोटा-मोटा गांव नहीं, बल्कि एक पूरा केंद्रशासित प्रदेश है – लक्षद्वीप। यह place अपनी बेहतरीन natural beauty के लिए मशहूर है, इतना कि America और Europe जैसे देशों की चकाचौंध भी इसकी natural charm के आगे फीकी लगने लगती है। PM मोदी ने तो इसे ‘जन्नत’ तक का दर्जा दे डाला।
लक्षद्वीप दरअसल अरब सागर की गोद में बसा 36 छोटे-बड़े द्वीपों का एक समूह है। पूरा का पूरा प्रदेश सिर्फ 32 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इन 36 द्वीपों में से सिर्फ 10 पर इंसानों का बसेरा है, बाकी द्वीप तो completely uninhabited हैं और प्रकृति की गोद में सोए पड़े हैं। ये द्वीप इतने छोटे हैं कि एक द्वीप महज 4-5 एकड़ में ही फैला हुआ है – यानी आपका पड़ोसी मोहल्ला भी शायद इससे बड़ा हो!

अब सवाल यह उठता है कि आखिर यहां सांप हैं क्यों नहीं? इसके पीछे कोई जादू-टोना नहीं, बल्कि ठोस वजहें हैं:
- भौगोलिक अलगाव: लक्षद्वीप main land India से हमेशा से अलग-थलग रहा है। सांपों का वहां तैरकर पहुंच पाना लगभग नामुमकिन था।
- कोई छुपने की जगह नहीं: द्वीप इतने छोटे और सपाट हैं कि अगर कोई सांप आ भी जाए (किसी नाव से छुपकर), तो उसके लिए कोई jungle, ऊंचे-नीचे इलाके या बिल बनाने की जगह ही नहीं है। यहां तक कि चूहे भी न के बराबर हैं, तो सांप का खाना क्या होगा? समंदर की मछलियां तो वह खा नहीं सकता न!
- मानवीय प्रयास: इतिहास में ऐसा माना जाता है कि शुरुआत में जो थोड़े-बहुत सांप थे, उन्हें भी दूसरी जगहों पर पहुंचा दिया गया ताकि यह जन्नत snake-free बनी रहे।
हां, समुद्र के आस-पास कभी-कभार कोई समुद्री सांप (sea snake) दिख जाए, तो वह भी ज़हरीला नहीं होता। यानी आप पूरी तरह से safe हैं।
वैसे, दुनिया में लक्षद्वीप ही एकमात्र ऐसी जगह नहीं है। न्यूज़ीलैंड, आयरलैंड, आइसलैंड और अंटार्कटिका जैसी जगहों पर भी सांप नहीं पाए जाते। लेकिन इनमें से किसी में भी लक्षद्वीप जैसी नीले पानी और सफेद बालू वाली जन्नत नहीं है। तो फिर क्या सोच रहे हैं? अपना बैग पैक करें और इस बार छुट्टियां बिताने के लिए इस सांप-मुक्त स्वर्ग को चुनें!
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आपके पूछे गए सवाल (FAQs)
1. क्या लक्षद्वीप में वाकई एक भी सांप नहीं है?
जी हां, यह बिल्कुल सच है! लक्षद्वीप भारत का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां ज़मीन पर रहने वाला कोई सांप नहीं पाया जाता। इसकी मुख्य वजह यह है कि यह मुख्यभूमि से काफी दूर समुद्र में स्थित है और सांपों का वहां तक पहुंच पाना मुश्किल रहा है। हां, समुद्र में कभी-कभार हानिरहित समुद्री सांप देखे जा सकते हैं।
2. प्रधानमंत्री मोदी ने लक्षद्वीप के बारे में क्या कहा है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लक्षद्वीप की प्राकृतिक सुंदरता की तारीफ करते हुए इसे ‘जन्नत’ यानी ‘स्वर्ग’ बताया है। उन्होंने अपने एक दौरे के बाद देशवासियों से अपील की थी कि वे इस खूबसूरत destination को देखने जरूर आएं।
3. क्या लक्षद्वीप घूमने का सही समय है और वहां कैसे पहुंचे?
लक्षद्वीप घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मध्य मई तक का होता है, जब मौसम सुहावना रहता है और समुद्र शांत होता है। वहां पहुंचने के लिए केरल के कोच्चि से नियमित फ्लाइट्स और शिप की सुविधा उपलब्ध है। हालांकि, वहां जाने के लिए परमिट की जरूरत होती है, जिसका इंतजाम आपकी ट्रैवल एजेंसी कर सकती है।











